नटराज का पूरा तांडव नृत्य जीवन और ब्रह्मांड की गति के संदर्भ में हमें क्या सिखाता है ?
नटराज का पूरा तांडव नृत्य जीवन और ब्रह्मांड की गति के संदर्भ में हमें क्या सिखाता है ? 💫🌟🎭 🔱 संवाद : नटराज का नृत्य और नये विचार शिष्य: गुरुदेव! नटराज के नृत्य में इतना आकर्षण क्यों है? यह केवल देवता की मूर्ति है या इसके पीछे कोई गहरा रहस्य छिपा है? गुरु: वत्स, नटराज कोई साधारण रूप नहीं। यह ब्रह्मांड के सत्य का चित्र है। इसमें सृष्टि, संहार, ज्ञान और मुक्ति — सब छिपे हैं। शिष्य: कैसे गुरुदेव? कृपया विस्तार से कहिए। गुरु: देखो, नटराज का डमरू बजता है तो उससे नाद निकलता है। यह नाद ही ब्रह्मांड की उत्पत्ति है। जैसे नाद से शब्द और भाषा जन्म लेते हैं, वैसे ही ब्रह्मांड की हर गति कंपन से जन्मी है। यही हमें नया विचार देता है कि ध्वनि केवल संगीत नहीं, बल्कि चिकित्सा और शिक्षा का मूल आधार हो सकती है। शिष्य: अद्भुत! और उनके हाथ की अग्नि? गुरु: वह अग्नि बताती है कि विनाश भी आवश्यक है। जैसे खेत में पुराना तिनका जलाकर नया अंकुर जन्म लेता है, वैसे ही अग्नि परिवर्तन और शुद्धिकरण का प्रतीक है। यह हमें नया विचार देती है कि हर कठिनाई और हर टूटन में एक नई सृष्टि छिपी है। शिष्य: और गुरुदेव,...