वेदों में प्रचलित कुछ खास मंत्र
वेदों में प्रचलित कुछ खास मंत्र।। भोग लगाने का मन्त्र ।। 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये । गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर ।। || अग्नि जिमाने का मन्त्र ।। ॐ भूपतये स्वाहा, ॐ भुवनप, ॐ भुवनपतये स्वाहा । ॐ भूतानां पतये स्वाहा ।। कहकर तीन आहूतियाँ बने हुए भोजन को डालें । या ।। ॐ नमो नारायणाय ।। कहकर नमक रहित अन्न को अग्नि में डालें । ।। भोजन से पूर्व बोलने का मन्त्र ।। ब्रह्मार्पणं ब्रह्महविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम् । ब्रह्मैव तेन गन्तव्यं ब्रह्मकर्म समाधिना ।। ।। भोजन के बाद का मन्त्र ।। अन्नाद् भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसंभवः । यज्ञाद भवति पर्जन्यो यज्ञः कर्म समुद् भवः ।। ।। सायं दीप स्तुति मन्त्र ।। सायं ज्योतिः परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः । दीपो हरतु मे पापं सन्ध्यादीप नमोऽस्तु ते ।। शुभं करोतु कल्याणं आरोग्यं सुखसम्पदाम् । मम बुद्धिप्रकाशं च दीपज्योतिर्नऽस्तु ते ।। ।। शयन का मन्त्र ।। जले रक्षतु वाराहः स्थले रक्षतु वामनः । अटव्यां नारसिंहश्च सर्वतः पातु केशवः ।। ।। सूर्य दर्शन मन्त्र ।। कनकवर्णमहातेजं रत्नमालाविभूषि...