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शिप्रा नदी की कहानी (Documentary) ।

शिप्रा नदी की कहानी (Documentary) ।  Shipra River Story ‪ Transcript: (00:00)  अजब सुरीली सी सर्वं कानों में रुन्जुन रुन्जुन  दूर पहाड़ों से घिरकर एक नदी जमी पर आती  अपना मलहार बजाती है लाखों त्योहार मनाती है  नदिया  नदिया  नदिया  नदियाँ नदी आँ  नदी जो अपने किनारे पर दरख़्त ही नहीं उगाती, वह उगाती है संस्कृति और सभ्यता । वे जहां जहां से भी बहती है वो पैदा करती है रीती रिवाज, गीत संगीत क्योंकि नदिया सिर्फ बहती नहीं हैं नदिया दुलारती हैं। अपनी धुन में मस्त हो बढ़ती जाती है। बढ़ती जाती है अपनी मंजिल को लक्ष्य बनाकर। (01:16)  बैकुंठ में इसे शिप्रा कहते हैं स्वर्ग में ज्वरहरनी यमद्वार में पापहरनी और पाताल में अमरिता संभव यह है शिद्वार में ज्वरहर्णि, यमद्वार में पापहर्णि और पाताल में अमृत सम्भव यह है शिप्रा।  आज हम भारत की सबसे पावन नदियों में से एक शिप्रा के साथ है।  इस समस्त पृथ्वी में शिप्रा के समान पुन्यदाईनी अन्य नदी नहीं  शिपरा की पुन्यदाईनी छवी आखर कैसे मनी  इसका जवाब तो नहीं है  बस इसके गीतों क�्रहाराय तिलोचना ...

उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर

🌟 उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर — ज्योतिषीय, पौराणिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विस्तृत विवरण 🛕 परिचय: मंगलनाथ मंदिर उज्जैन का एक अत्यंत प्राचीन और अद्भुत मंदिर है, जो भगवान शिव के मंगल रूप को समर्पित है। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से पूजनीय है, बल्कि इसे पूरे विश्व का “मंगल ग्रह का जन्मस्थान” माना गया है। ज्योतिषशास्त्र में यह मंदिर विशेष स्थान रखता है और मंगल दोष निवारण के लिए सर्वोच्च केंद्र माना जाता है। 🗺️ स्थान: स्थान: उज्जैन शहर से लगभग 3 किमी उत्तर में, शिप्रा नदी के तट पर स्थित। भौगोलिक स्थिति: यह स्थल भूमध्य रेखा (equator) के निकट स्थित है और प्राचीन समय में खगोल-शास्त्रियों द्वारा ज्योतिषीय गणनाओं के लिए प्रमुख केंद्र रहा है। 📜 पौराणिक कथा: 🕉️ मार्तण्ड का प्रकोप और मंगल का जन्म पौराणिक कथाओं के अनुसार, अंधकासुर नामक राक्षस ने जब देवताओं को आतंकित किया, तब शिव ने उसका वध कर दिया। युद्ध के समय शिव के पसीने की बूंद से एक तेजस्वी बालक उत्पन्न हुआ , जो था मंगल (भौम) । यही स्थल था उज्जैन का शिप्रा तट, जहाँ मंगल का जन्म हुआ , और शिव ने उसे आशीर्वाद देकर ग्रह रूप ...

शिप्रा – उज्जैन की आत्मा, कालचक्र की साक्षी"

यह रही उज्जैन की पवित्र शिप्रा नदी पर आधारित एक विस्तृत और प्रभावशाली स्क्रिप्ट — लगभग 5000 शब्दों में। इसे आप डॉक्यूमेंट्री वीडियो , एनिमेशन , या भक्ति यात्रा फिल्म में प्रयोग कर सकते हैं: 🎬 शीर्षक: "शिप्रा – उज्जैन की आत्मा, कालचक्र की साक्षी" भूमिका (Intro) – [400 शब्द] (धीमी ध्वनि में संतूर के स्वर बजते हैं... स्क्रीन पर शिप्रा नदी का भव्य दृश्य) वॉयसओवर: "जिसे इतिहास ने नहीं छुआ, वह किंवदंती रह जाती है। और जिसे देवताओं ने छुआ, वह पवित्रता बन जाती है। मध्य भारत की पुण्य भूमि उज्जैन में बहती एक ऐसी ही नदी है – शिप्रा। यह कोई साधारण जलधारा नहीं, बल्कि कालचक्र की चिरंतन साक्षी, साधना की जीवंत धारा और मोक्ष का दिग्दर्शक है। शिप्रा… केवल एक नदी नहीं, बल्कि वह आदिकालीन चेतना है, जो पाषाण में प्राण फूंक देती है, और जीवन को आध्यात्म में लयबद्ध करती है। वह माँ है, बहन है, तीर्थ है, तप है, और संकल्प है। आज हम उसी शिप्रा की यात्रा करेंगे — जल की नहीं, जीवन की; धारा की नहीं, धरोहर की।" 1. शिप्रा का भूगोल और उद्गम – [600 शब्द] "शिप्रा नदी का जन्म मालवा के...

शिप्रा नदी " की कहानी

शिप्रा नदी की कहानी (Documentary) ।  Shipra River Story ‪ Transcript: (00:00)  अजब सुरीली सी सर्वं कानों में रुन्जुन रुन्जुन  दूर पहाड़ों से घिरकर एक नदी जमी पर आती  अपना मलहार बजाती है लाखों त्योहार मनाती है  नदिया  नदिया  नदिया  नदियाँ नदी आँ  नदी के बारे में उस नदी से पैदा हुई संस्कृति और सब्भता के बारे में नदिया जहां जहां से बहती है वो पैदा करती है रीती रिवाज गीत संगीर क्योंकि नदिया सिर्फ बहती नहीं नदिया गाती है (01:16)  बैकुंठ में इसे शिप्रा कहते हैं स्वर्ग में ज्वरहरनी यमद्वार में पापहरनी और पाताल में अमरिता संभव यह है शिद्वार में ज्वरहर्णि, यमद्वार में पापहर्णि और पाताल में अमृत सम्भव यह है शिप्रा।  आज हम भारत की सबसे पावन नदियों में से एक शिप्रा के साथ है।  इस समस्त पृथ्वी में शिप्रा के समान पुन्यदाईनी अन्य नदी नहीं  शिपरा की पुन्यदाईनी छवी आखर कैसे मनी  इसका जवाब तो नहीं है  बस इसके गीतों क�्रहाराय तिलोचना तेरा रंग कैसा  शिपरा के पानी का रंग तो बड़ा ही निराला है (02:42)  और अपने रंग को बिखेरती ...